कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कुलपति से लेकर शिक्षकों वैज्ञानिकों को खूब फटकार लगाई। उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय की रैंक नीचे गिर रही है। पहले आईआईआरएफ रैंकिंग 30 थी, अब 38 हो गई। इसका मतलब विश्वविद्यालय में ठीक से काम नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा, हॉस्टल के अंदर बाथरूम, टॉयलेट में सीवर का पानी जा रहा है। भवन जर्जर हैं और उसमें घास उगी हुई है। गेस्ट फैकल्टी के सहारे कक्षाएं चल रही हैं। स्विमिंग पूल बंद है, लग रहा है सब फिट हो चुके हैं। कोई एक्स्ट्रा एक्टिविटी नहीं है। किसी खेल में प्रतिभाग नहीं किया जा रहा है। कई विभाग ऐसे हैं, जिनमें 10 से कम बच्चे हैं। सबसे खराब स्थिति डेयरी विभाग की है। 500 गाय हैं, लेकिन दुग्ध उत्पादन नहीं होता है।
शिक्षक और वैज्ञानिकों से कहा कि ऑर्गेनिक खेती पर कितना काम किया है? इसका ब्यौरा दें। दो साल पहले ऑर्गेनिक खेती कितनी होती थी और अब कितनी हो रही है? पांच साल में किसानों को कितना जागरूक किया? सिंचाई पर कितना काम किया है, उसका ब्यौरा दें? उन्होंने मंत्री से कहा कि नई पीढ़ी गेहूं कम खा रही है, लेकिन फिर भी गेहूं के उत्पादन में हम आगे हैं।
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि जिनके पास खेती है, अगर वह ऑर्गेनिक खेती नहीं करेंगे, तो उन्हें आने वाले दीक्षांत में मेडल नहीं दिया जाएगा। ऐसी पढ़ाई का क्या फायदा, जिसका इस्तेमाल खुद ही नहीं किया।
27वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, विशिष्ट अतिथि बलदेव सिंह औलख (राज्यमंत्री कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, उत्तर प्रदेश सरकार) और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने मेधावियों को पदक प्रदान किये। इस मौके पर 63 मेधावियों को पदक एवं पुरस्कार दिए गए। कुल 649 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 14 छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, 14 को विश्वविद्यालय रजत पदक, 14 को विश्वविद्यालय कांस्य पदक तथा 21 को प्रायोजित स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। कुल 49 छात्र-छात्राओं को 63 पदक प्रदान किए गए।
दीक्षांत समारोह में विधायक एवं बोर्ड सदस्य सुरेन्द्र मैथानी, अवधेश कुमार सिंह, विधायक नीलिमा कटियार, जिला प्रशासन के अधिकारी, अधिष्ठाता, निदेशक, विभागाध्यक्ष और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

