नई दिल्ली। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेज यानी डॉसियर फिजिकल फॉर्म में नहीं बल्कि ई-डॉसियर के रूप में संबंधित मंत्रालयों और विभागों को भेजे जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया SSC के ‘ई-डॉसियर पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन की जा रही है। SSC विभिन्न परीक्षाओं में सफल उम्मीदवारों के दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संकलित करता है और मंत्रालयों व विभागों के नोडल अधिकारियों के लिए उन्हें पोर्टल पर उपलब्ध कराता है, जिससे वे लॉगिन कर इन दस्तावेजों को डाउनलोड कर सकते हैं और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
ई-डॉसियर प्रणाली के तहत अब दस्तावेजों की सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रक्रिया की गति में काफी सुधार हुआ है। यह प्रणाली कई बड़े लाभ प्रदान करती है, जैसे कि डेटा की अखंडता सुनिश्चित करना क्योंकि ई-डॉसियर केवल अधिकृत नोडल अधिकारियों के सुरक्षित लॉगिन से ही एक्सेस किए जा सकते हैं, जिससे अनधिकृत हस्तक्षेप या फेरबदल की संभावना खत्म हो जाती है। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली में हर गतिविधि की निगरानी के लिए एक्सेस लॉग भी मौजूद होता है, जिससे प्रामाणिकता और जवाबदेही बढ़ती है। दस्तावेजों की ऑनलाइन आपूर्ति से प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी हो गई है, जिससे भर्तियों की गति में तेजी आई है। साथ ही, यह पहल कागजी कामकाज में कमी लाकर लागत की बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, SSC ने इस ई-डॉसियर प्रणाली को कई प्रमुख परीक्षाओं में सफलतापूर्वक लागू कर दिया है, जिनमें जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2024, संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर परीक्षा (CHSL) 2024, मल्टी टास्किंग स्टाफ परीक्षा (MTS) 2024 और संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (CGL) 2024 शामिल हैं। यह डिजिटल पहल न केवल SSC और मंत्रालयों/विभागों के बीच संवाद को अधिक तेज और सुगम बनाएगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी। इससे लाखों युवा लाभान्वित होंगे क्योंकि नियुक्ति की पूर्व-औपचारिकताएं अब कम समय में पूरी हो सकेगी।

