नई दिल्ली। भारतीय खेल प्राधिकरण और हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में शुक्रवार को एक भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री थिरु उदयनिधि स्टालिन, ओडिशा के खेल एवं युवा सेवा मंत्री सूर्यवंशी सूरज, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के अध्यक्ष तैय्यब इकराम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, हॉकी के दिग्गज और राष्ट्रीय टीमों के सदस्य उपस्थित थे।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने इस उपलब्धि का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, ‘इस खेल ने कई पड़ाव देखे हैं, और ओलंपिक में हॉकी के माध्यम से ही हमने दुनिया को दिखाया कि भारत खेलों में क्या हासिल कर सकता है। तब से हमने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपने समृद्ध इतिहास के साथ, भारतीय हॉकी एक और ओलंपिक पदक की ओर बढ़ रही है। आज जब देश भर में 1,000 से ज्यादा मैच खेले जा रहे हैं, तो पूरा भारत इस गौरवशाली क्षण का आनंद ले रहा है। भारत सरकार हमारे खिलाड़ियों और खेल को हर संभव तरीके से समर्थन देना जारी रखेगी। मैं हॉकी इंडिया, खिलाड़ियों, कोचों और प्रशंसकों को इस उल्लेखनीय यात्रा का हिस्सा बनने के लिए बधाई देता हूं।’
संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस अवसर पर कहा, ‘मैं इस विशेष अवसर पर खेल के दिग्गजों के बीच उपस्थित होकर खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। भारतीय हॉकी के लिए यह एक लंबी और प्रेरणादायक यात्रा रही है। मैं हॉकी इंडिया को हमारे महान खिलाड़ियों को सम्मानित करने और हमारे समृद्ध इतिहास को हमारे उज्ज्वल भविष्य के साथ जोड़ने के लिए तथा इस अविश्वसनीय यात्रा का हिस्सा रहे सभी लोगों को बधाई देता हूं।’
एफआईएच के अध्यक्ष तैय्यब इकराम ने कहा, ‘भारतीय हॉकी के इस ऐतिहासिक पड़ाव का हिस्सा बनना हमारे लिए खुशी की बात है। आज हम अपने दिग्गजों, खिलाड़ियों, प्रशंसकों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस यात्रा को आकार दिया है। भारत ने 100 वर्षों के नवाचार के माध्यम से विश्व हॉकी में अग्रणी भूमिका निभाई है। मैं भारत सरकार और हॉकी इंडिया को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं। टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने इस खेल के पुनरुत्थान और उसकी ताकत को दर्शाया है, और मुझे विश्वास है कि अगले 100 वर्ष भारतीय हॉकी के लिए और भी उज्जवल होंगे।’
इस समारोह की शुरुआत डॉ. मनसुख मांडविया और डॉ. दिलीप तिर्की के नेतृत्व वाली हॉकी इंडिया XI के बीच एक प्रदर्शनी मैच के साथ हुई। इस मैच में खेल मंत्रालय की टीम ने ब्यूटी डुंगडुंग, सलीमा टेटे और कृष्णा पाठक के गोलों की बदौलत 3-1 से जीत हासिल की, जबकि हॉकी इंडिया XI के लिए मनप्रीत सिंह ने गोल किया।
हॉकी इंडिया ने सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को खेल में उनके अमिट योगदान और नये खिलाड़ियों को प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले इन दिग्गज खिलाड़ियों में गुरबक्श सिंह, हरबिंदर सिंह, अजित पाल सिंह, अशोक कुमार, बी.पी. गोविंदा, असलम शेर खान, ज़फर इकबाल, ब्रिगेडियर हरचरण सिंह वीएसएम, विनीत कुमार, रोमियो जेम्स, असुंता लाकड़ा और सुभद्रा प्रधान शामिल थे।
इस अवसर पर स्मारक पुस्तक ‘भारतीय हॉकी के 100 वर्ष’ का विमोचन किया गया। यह पुस्तक भारतीय हॉकी की एक शताब्दी की विजय, चुनौतियों और पुनरुत्थान की यात्रा का वर्णन करती है। एक विशेष फोटो प्रदर्शनी में वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर आज तक के खेल के विकास को दर्शाती पुरानी तस्वीरों, ओलंपिक के यादगार पलों और यादगार वस्तुओं के माध्यम से भारतीय हॉकी के उल्लेखनीय इतिहास की एक दुर्लभ झलक भी प्रस्तुत की गई।

