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सोशल मीडिया पर दी जा रही भ्रामक जानकारी से बचें, कुशल होम्योपैथिक चिकित्सक की देखरेख में ही लें होम्योपैथी दवाएं

कानपुर। आरोग्यधाम ग्वालटोली में गुरुवार को आयोजित जागरूकता संगोष्ठी में बोलते हुए वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ हेमंत मोहन एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आरती मोहन ने लोगों को बताया कि आजकल फेसबुक एवं व्हाट्सएप पर एक मैसेज फॉरवर्ड हो रहा है। जिसमें यह बताया जा रहा है कि होम्योपैथी दवा एस्पीडोस्पर्मा कोरोनावायरस में गिरते हुए ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने में कारगर है। जो की पूरी तरह से एक भ्रामक अफवाह है होम्योपैथी मरीजों के लक्षणों के आधार पर काम करने वाली पैथी है। जिसमें एक ही बीमारी के  विभिन्न मरीजों मैं विभिन्न लक्षणों के आधार पर विभिन्न दवाओं का चयन किया जाता है। अतः सिर्फ कोई एक ही दवा सभी मरीजों पर काम करेगी यह कहना पूरी तरह से गलत है। मेरा सभी से निवेदन है कि वह इस तरीके की भ्रामक अफवाहों के जाल में फंस कर अपना जीवन खतरे में ना डालें तथा किसी कुशल होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह से ही होम्योपैथी दवा का सेवन करें। संगोष्ठी में बोलते हुए डॉ हेमंत मोहन ने बताया कि एस्पीडोस्पर्मा के साथ-साथ कार्बो वेज लैकेसिस फास्फोरस वैनेडियम अरेलिया ब्लाटा सेनेगा जस्टिसिया जैसी कई होम्योपैथिक दवाएं हैं, जो कि इस समय कोरोना संक्रमण की विभिन्न स्टेजेस में बहुत ही अच्छा काम कर रही है।

डॉ आरती मोहन ने बताया कि कोरोना ऑक्सीजन का लेवल गिराने के साथ ही रक्त का थक्का जमाने की प्रक्रिया तेज कर रहा है जिसमें होम्योपैथिक दवाएं लेकेसिस एवं फास्फोरस अत्यधिक कारगर सिद्ध हो रही हैं। अतः बिना उचित जांच के एवं बिना चिकित्सक के परामर्श के कोई भी होम्योपैथी दवा का सेवन करना अपने जीवन से खिलवाड़ करना होगा।

डॉ हेमंत मोहन ने बताया की उनके क्लीनिक में रोजाना 40 से 50 ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनका ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल कम हो रहा था और जो होम्योपैथी दवाओं के सेवन के साथ अपना ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में सफल हुए हैं।

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