मुंबई। कांग्रेस के इस दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल का अंतिम संस्कार शनिवार को महाराष्ट्र में उनके गृह जिले लातूर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मौके पर मौजूद लोगों में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खंड्रे आदि मौजूद थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री पाटिल का 90 साल की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया था।
बता दें कि शिवराज पाटिल ने 1967 में लातूर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेंबर के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और 2010 से 2015 तक पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) रहे। इस बीच, वह 1972 और 1980 के बीच दो बार लातूर से महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली के मेंबर रहे। वह लगातार सात बार लातूर सीट से लोकसभा मेंबर रहे, उन्होंने 1980, 1984, 1989, 1991, 1996, 1998 और 1999 में इस सीट से चुनाव जीता।
शिवराज पाटिल इंदिरा गांधी की सरकार में पहली बार रक्षा राज्य मंत्री (1980-82) के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल हुए। जबकि पाटिल जी को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (1982-83) का इंडिपेंडेंट चार्ज भी दिया गया, जहां से उन्हें साइंस एंड टेक्नोलॉजी, एटॉमिक एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेस और ओशन डेवलपमेंट (1983-84) में शिफ्ट कर दिया गया।
राजीव गांधी की सरकार के दौरान, उन्होंने पर्सनल, डिफेंस प्रोडक्शन, सिविल एविएशन और पर्यटन मंत्री का भी काम संभाला। पाटिल को 2004 में केंद्रीय गृह मंत्रालय का काम सौंपा गया था, लेकिन 26/11 मुंबई टेरर अटैक के दौरान सिक्योरिटी में हुई चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने 30 नवंबर, 2008 को इस्तीफा दे दिया था।

