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50 वर्षों में पहली बार हुआ था चुनाव, सपा परिवार के करीबी रामफल वाल्मीकि बने प्रधान

इटावा। सैफई में पंचायत चुनाव में 50 वर्षों में ऐसा पहला अवसर है जब सपा परिवार के समर्थित प्रत्याशी के विरुद्ध किसी अन्य ने पर्चा भरा था, अभी तक 1971 से मुलायम के मित्र दर्शन सिंह निर्विरोध प्रधान बनते आये थे पिछले साल 17 अक्टूबर को उनके निधन से यह सीट खाली हो गई। इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। जिसके बाद मुलायम सिंह यादव के करीबी रामफल वाल्मीकि को सपा परिवार के तरफ से सैफई प्रधान पद का पर्चा भरवाया गया था। लेकिन रामफल के विरोध में एक अन्य प्रत्याशी विनीता देवी के पर्चा भर देने से सैफई प्रधान पद को लेकर राजनीति गरमा गई थी।

आज हुई मतगणना में मुलायम सिंह परिवार के समर्थित उम्मीदवार रामफल वाल्मीकि ने जीत हासिल की। रामफल की जीत का फासला भी बहुत बड़ा रहा। उन्हें कुल 3877 वोट मिले जबकि उनकी प्रतिद्वंदी विनीता को सिर्फ 15 वोट ही मिल पाए।

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