सुल्तानपुर। के.एन.आई.टी. के सिविल इंजीनियरिंग फोरम द्वारा शुक्रवार को राधा रानी के. के. इंटर कॉलेज, सीताकुंड में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भावी करियर: आपके उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदना श्रीवास्तव के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा और तकनीकी नवाचार का युग है, जिसमें पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल कौशल अत्यंत आवश्यक हो गए हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव उपाध्याय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव मस्तिष्क का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमताओं को सशक्त बनाने वाला सहयोगी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि सृजनकर्ता के रूप में अपनाएं और नवाचार को अपनी पहचान बनाएं।
विभागाध्यक्ष डॉ. यू.के. महेश्वरी ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में एआई विकास की केंद्रीय धुरी बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और नैतिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनुपम वर्मा ने बताया कि एआई शिक्षा जगत में अनुकूली शिक्षण, स्वचालित मूल्यांकन, समय-सारणी प्रबंधन और इंटरैक्टिव टूल्स के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मोबाइल रिचार्ज से लेकर स्मार्ट होम, डिजिटल भुगतान और आधुनिक अवसंरचना तक एआई सर्वव्यापी हो चुका है।
प्रोफेसर सौरभ चतुर्वेदी ने एआई शिखर सम्मेलन और एआई स्मार्ट विलेज अवधारणा पर केंद्रित चर्चा प्रस्तुत की। संदीप श्रीवास्तव ने साइबर अपराधों और स्कूल सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। डॉ. एच.वी. सिंह, डॉ. अखिलेश, डॉ. एन.के. सक्सेना, डॉ. समीर, डॉ. एम.के. गुप्ता और ब्रजेश लाल ने इस कार्यशाला की सफलता के लिए अपने संदेश भेजे। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बिंदु श्रीवास्तव ने सक्रिय भूमिका निभाई और आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित विशेष वीडियो प्रस्तुति और सामूहिक चर्चा भी हुई। छात्रों के लाभ के लिए स्पष्टीकरण सहित एआई क्विज़ का भी उपयोग किया गया।
इस अवसर पर प्रो. राम आशीष प्रजापति, प्रो. शिवम श्रीवास्तव एवं शुभ्रा उपस्थित रहे। वहीं विद्यार्थियों में अंकुर यादव, दीपांशु गुप्ता, आकांक्षा मौर्य, निखिल गुप्ता, आनंद वर्मा, आंचल, अनामिका, अभिषेक सिंह कौशल, रविकांत सिद्धार्थ, जयंत प्रकाश, जयंत प्रभाकर यादव और मनीष श्रीवास्तव ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

