मुंबई। भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे का 70 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने चार दशकों से ज्यादा वक्त तक ओगिल्वी इंडिया के साथ काम किया। पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर के एक परिवार में हुआ था। उनके नौ भाई-बहन थे, जिनमें सात बहनें और दो भाई शामिल थे। पीयूष पांडे के पिता राजस्थान राज्य सहकारी बैंक में काम करते थे। पांडे ने कई सालों तक क्रिकेट भी खेला था।
उनका पहला प्रिंट विज्ञापन सनलाइट डिटर्जेंट के लिए लिखा गया। छह साल बाद वे क्रिएटिव विभाग में आए और लूना मोपेड, फेविकोल, कैडबरी और एशियन पेंट्स जैसे ब्रांड्स के लिए कई प्रसिद्ध विज्ञापन बनाए। इसके बाद उन्हें क्रिएटिव डायरेक्टर और फिर राष्ट्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर बनाया गया। 1994 में उन्हें ओगिल्वी इंडिया के निदेशक मंडल में भी स्थान मिला। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया ने लगातार 12 वर्षों तक भारत की नंबर एक एजेंसी का दर्जा हासिल किया। उन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनावी नारा ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ दिया। उनका योगदान केवल व्यावसायिक विज्ञापन तक सीमित नहीं था। उन्होंने राष्ट्रीय एकता गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ लिखा और कई सामाजिक अभियान जैसे पोलियो जागरूकता और धूम्रपान विरोधी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
बिजनेसमैन सोहेल सेठ ने पीयूष पांडे के निधन पर सोशल मीडिया अकाउंट पर शोक जताया। उन्होंने लिखा, ‘मेरे सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे जीनियस के खोने से मैं बहुत ज्यादा दुखी और टूट गया हूं. भारत ने सिर्फ़ एक महान एडवरटाइजिंग माइंड ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बहुत अच्छे इंसान को खो दिया है।’
फिल्ममेकर हंसल मेहता ने लिखा, ‘फेविकोल का जोड़ टूट गया। आज एड वर्ल्ड ने अपना ग्लू खो दिया। पीयूष पांडे, आप अच्छे से जाएं।’
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘पद्मश्री पीयूष पांडे के निधन पर अपनी उदासी ज़ाहिर करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. एडवरटाइजिंग की दुनिया में एक महान हस्ती, उनकी क्रिएटिव जीनियस ने कहानी कहने के तरीके को फिर से परिभाषित किया और हमें यादगार और हमेशा याद रहने वाली कहानियां दीं।’
उन्होंने आगे कहा कि मेरे लिए, वह एक ऐसे दोस्त थे, जिनकी चमक उनकी सच्चाई, गर्मजोशी और हाज़िरजवाबी में दिखती थी। मैं हमेशा उनके साथ हुई अपनी दिलचस्प बातचीत को याद रखूंगा। वह अपने पीछे एक गहरा खालीपन छोड़ गए हैं, जिसे भरना मुश्किल होगा। उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
शाहरुख खान ने अपनी एक्स (ट्विटर) पोस्ट में लिखा, ‘पीयूष पांडे के साथ काम करना और उनके साथ रहना हमेशा सहज और मजेदार लगता था। उनके बनाए एड का हिस्सा बनना सम्मान की बात थी। उन्होंने अपनी प्रतिभा को इतनी सहजता से पेश किया और भारत के विज्ञापन उद्योग में क्रांति ला दी। मेरे दोस्त, शांति से आराम करो। तुम्हारी बहुत याद आएगी।’
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में पीयूष पांडे को याद किया। वह लिखते हैं, ‘एक रचनात्मक प्रतिभा, एक मिलनसार मित्र और मार्गदर्शक हमें छोड़कर चले गए। हमारे दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। पीयूष पांडे का आज सुबह निधन हो गया। उनके द्वारा छोड़ी गई रचनात्मक कृतियां उनकी असीम रचनात्मकता का शाश्वत प्रतीक रहेंगी। स्तब्ध ! निशब्द हूं।’

