चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह के निर्देशन में गौ आधारित प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन हेतु बुंदेलखंड एवं कानपुर के कृषकों में सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को कानपुर नगर के बिधनू विकास खंड के गांव ढोंढर में स्थित विकल्प गौ आधारित प्राकृतिक खेती के मॉडल को किसानों हेतु भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान प्रक्षेत्र पर स्थित सघन कृषि प्रणाली को देखा। जिसमें मूंग, गन्ना, हल्दी एवं अरहर की अंतः फसल को देख किसानों ने सराहना की। साथ ही मूंग व अन्य फसलों में रोग एवं कीड़ों का भी कोई प्रभाव नहीं है। क्योंकि यह फसलें सीधे जीवामृत एवं वीजाअमृत डालकर उगाई जा रही हैं। साथ ही बौछारी सिंचाई के द्वारा फसलों में सिंचाई की जा रही है। विश्वविद्यालय के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि रासायनिक खेती की अपेक्षा गौ आधारित प्राकृतिक खेती के प्रक्षेत्र की मृदा अधिक उपजाऊ होती है। क्योंकि इससे मृदा की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों में सुधार होता है और फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है।
इस अवसर पर कानपुर मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक डी.के. सिंह के साथ ही विकल्प आहार के विवेक चतुर्वेदी एवं अनंत चतुर्वेदी उपस्थित रहे। किसानों के भ्रमण के दौरान रानीगंज पश्चिम बंगाल से आए कृषक जगधर सिंह, संजय भालोतिया के अतिरिक्त भरतपुर राजस्थान से मांगे सिंह भी उपस्थित रहे। जबकि स्थानीय गांव ढोंढर एवं पलरा गांव के अनिल सिंह चंदेल, जयराम, यूनुस एवं महेश पाल सहित कई किसानों ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती के मॉडल को देखा।