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तटरक्षक बल ने अपनी विमानन शाखा में तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एएलएच एमके-III को शामिल किया

नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) में तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एएलएच एमके-तीन को भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के बेड़े में शामिल किया गया है। शनिवार को रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार द्वारा शामिल किये गए ये अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), बेंगलुरु द्वारा स्वदेशी रूप से तैयार और विकसित किए गए हैं।सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए इस समारोह को नई दिल्ली से डिजिटल माध्यमों के जरिये बेंगलुरु में आयोजित किया गया था और इस दौरान कोविड -19 प्रोटोकॉल को प्राथमिकता दी गई। इस मौके पर भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक के नटराजन और एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) आर माधवन मौजूद थे।

अजय कुमार ने कहा कि आज सौंपे जा रहे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर आने वाले समय में आईसीजी की परिचालन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा, उन्नत सेंसर वाले अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों के जरिये आईसीजी चुनौतीपूर्ण कार्य करने में सक्षम हो पायेगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब भारतीय विमानन क्षेत्र में प्रदर्शन आधारित लॉजिस्टिक्स पेश किया जा रहा है और इससे परिचालन और रखरखाव दक्षता में वृद्धि होगी।

एचएएल ने बताया कि इन हेलीकॉप्टरों को भुवनेश्वर, पोरबंदर, कोच्चि और चेन्नई में चार तटरक्षक स्क्वाड्रनों में तैनात किया जाएगा। एएलएच एमके -III के समुद्री संस्करण को आईसीजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 19 अतिरिक्त उपकरणों के घरेलू अनुकूलन के साथ स्वदेश में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। एचएएल अगले साल के मध्य तक आईसीजी को 16 एएलएच एमके-III की आपूर्ति करेगा। ये हेलीकॉप्टर नौसैनिक पोतों से संचालित किये जाने वाले अभियानों के दौरान होने वाले कार्यों को पूरा करने में सक्षम हैं। एएलएच एमके-III समुद्री और हवाई माध्यमों से समन्वित खोज, अवरोध क्षमताओं, तटीय सुरक्षा, खोज और बचाव कार्यों, चिकित्सा सहायता, फंसे हुए लोगों को निकालने तथा प्रदूषण प्रतिक्रिया मिशन आदि के लिए तटरक्षक बल की क्षमताओं में वृद्धि करेंगे।

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