लखनऊ। बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व सीएम मायावती ने विरोधियों और पार्टी छोड़ चुके नेताओं पर तीखा हमला बोला है। माल एवेन्यू स्थित बसपा कार्यालय में रविवार को देशभर से आए कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग थोड़े से स्वार्थ के लिए बिक गए हैं, ऐसे बिकाऊ और गुलाम मानसिकता के लोगों को बहुजन समाज कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि जो लोग बसपा के कारण आगे बढ़े, वे अगर पार्टी के नहीं हुए तो समाज के कैसे होंगे।
बैठक में 19 दिसंबर को दिए गए दिशा-निर्देशों की राज्यवार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। मायावती ने कार्यकर्ताओं से तन, मन और धन से पार्टी को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि बसपा बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों की सांठगांठ से दूर रहकर अपने कार्यकर्ताओं की मेहनत की कमाई पर निर्भर है। उन्होंने चुनावी बॉन्ड और ट्रस्ट के जरिए मिलने वाले चंदों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं राजनीति को संदिग्ध बनाती हैं। बसपा का रास्ता पाक-साफ और संविधान के कल्याणकारी उद्देश्यों के अनुरूप है।
मायावती ने विरोधी दलों और उनकी सरकारों पर गरीब, किसान और बहुजन विरोधी नीतियां अपनाने, भ्रष्टाचार में लिप्त रहने और कथनी-करनी में भारी अंतर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से इन दलों की विश्वसनीयता तेजी से गिर रही है। ऐसे माहौल में यूपी में बसपा की चार सरकारों के दौरान लागू किए गए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय और कानून के बेहतर राज के अनुभवों के बल पर पार्टी एक बार फिर लोगों की नई उम्मीद बनकर उभर रही है, जिससे जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

