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राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में मृदा चौपाल लगा, महिला समूह को दिया गया वर्मी कंपोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण

कानपुर देहात। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर के मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव परौंख में गुरुवार को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी। डॉ. खान ने बताया कि अपनी खेती में कम लागत से अच्छी फसल की पैदावार के लिए जैविक खेती करने जिससे उनकी फसल की लागत भी कम हो जाएगी और उत्पादन भी अधिक होगा। रासायनिक उर्वरकों की अपेक्षा जैविक खाद सस्ती पड़ती है। आसान विधि से वर्मी कंपोस्ट घर पर ही बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्मी कंपोस्ट सर्वाधिक पोषण विकल्प है। जिसमें पौधों के लिए सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में उपलब्ध रहते हैं। गोबर में उपस्थित सूक्ष्म जीव मृदा में विघटन का भी कार्य करते हैं।

मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर खान ने महिला ग्रुप को बताया कि वर्मी कंपोस्ट के 1-1 एवं दो-2 किलो के पैकेट बनाकर बिक्री कर आय भी अर्जित कर सकते हैं। जिससे आत्मनिर्भर बन स्वावलंबी बन सकती हैं। इस अवसर पर ऋषि मिश्रा, मंजू, नीलम, सुमन सहित अन्य गांव की महिलाएं उपस्थित रहीं।

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