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अयोध्या : 14 कोसी परिक्रमा में लाखों भक्तों के आने की उम्मीद

अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा गुरुवार को सुबह 4:43 बजे शुरू होगी। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की अक्षय नवमी तिथि को आयोजित होने वाली 14 कोसी परिक्रमा का धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस परिक्रमा को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण लाखों श्रद्धालु हर वर्ष देश के कोने-कोने से अयोध्या पहुंचकर भगवान श्रीराम के पावन धाम की परिक्रमा करते हैं।

जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग को पांच जोन और 32 सेक्टरों में विभाजित किया है, ताकि नियंत्रण और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर करीब 80 मजिस्ट्रेट्स की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें सुपर जोनल, सब जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, आपात स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रहेंगे।

वहीं, राम की पैड़ी स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मेला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इस नियंत्रण कक्ष में छह वरिष्ठ अधिकारी तथा तीन सहयोगी अधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी अधिकारी तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे ताकि मेले की निगरानी और समन्वय में कोई बाधा न आए। 

प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर विशेष रूप से रेल विभाग से समन्वय किया है। रेलवे क्रॉसिंग जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि परिक्रमा के दौरान ट्रेन हॉर्न बजा कर सावधानीपूर्वक गुजरें। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। बंधा तिराहा, तुलसी उद्यान, हनुमानगढ़ी, कोतवाली अयोध्या और सरयू आरती स्थल। इन केंद्रों की मदद से कई भूले-बिसरे लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जा सकेगा।

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