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चडारी तालाब को अमृत सरोवर की तर्ज पर किया जाएगा विकसित : सीडीओ दीक्षा जैन

कानपुर नगर। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में नून नदी पुनरुद्धार फेज-2 की प्रगति की समीक्षा बैठक आहूत की। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार, खंड विकास अधिकारी शिवराजपुर, संबंधित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) तथा ग्राम पंचायतों रामपुर नरूवा, सैलाहा, दाह रुद्रपुर और इंदलपुर के ग्राम प्रधान एवं सचिव उपस्थित रहे।

सीडीओ ने निर्देश दिए कि नून नदी में जुड़ने वाली सभी धाराओं और नालों में जहां कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। पहले चरण में हुए वृक्षारोपण में जो पौधे सूख गए हैं, उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं।

उन्होंने चडारी तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही नून नदी के किनारे के खाली स्थलों और पौराणिक स्थलों को चिन्हित कर वहां पिकनिक स्पॉट विकसित करने को कहा।

सीडीओ ने कन्हैया ताल की जलापूर्ति बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जहां से ताल में पानी आता है, उस नाले/नहर की सफाई कराई जाए ताकि जल प्रवाह निर्बाध बना रहे। बताया गया कि ताल में पानी विकासखंड ककवन स्थित खरपत झील से आता है। इस संबंध में खरपत झील से कन्हैया ताल तक सर्वे कर वस्तुस्थिति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि स्थायी जलापूर्ति की कार्ययोजना बनाई जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि कन्हैया ताल से गंगा नदी तक बने सभी पुलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, जिससे कोई व्यक्ति नदी में कूड़ा न फेंके। ग्राम प्रधानों को 5 किमी की दूरी पर मील के पत्थर लगवाने के निर्देश दिए गए, जिन पर कन्हैया ताल और गंगा नदी की दूरी अंकित हो। मील के पत्थरों को नीले रंग में रंगने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि कन्हैया झील के पुनरुद्धार हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों की बैठकें नियमित नहीं हो रहीं हैं। सीडीओ ने निर्देश दिए कि इन बैठकों का आयोजन प्रत्येक पखवाड़े किया जाए और कार्यवृत्त खंड विकास अधिकारी के माध्यम से जिला स्तर पर उपलब्ध कराया जाए।

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