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‘सूक्ष्म पोषक तत्वों का मिट्टी एवं मानव के स्वास्थ्य पर प्रभाव’ विषय पर आयोजित हुआ एक दिवसीय विशेष व्याख्यान

कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा सूक्ष्म पोषक तत्व का मिट्टी एवं मानव के स्वास्थ्य पर प्रभाव विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि राजमाता विजयाराजे सिंधिया एवं कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला रहे। डॉ0 शुक्ला द्वारा बताया गया कि वर्तमान में गिरता हुआ मिट्टी का स्वास्थ्य एक बड़ी चिंता का विषय है। इसलिए हमको टिकाऊ विकास की ओर ध्यान देना होगा। इसके साथ-साथ हमें वायु की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रयास करने होंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 40% व्यक्ति खनिज तत्वों की कमी से ग्रसित है। जिससे उनके विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए हमें वर्तमान में केवल खाद्य सुरक्षा ही नहीं बल्कि पोषक तत्व सुरक्षा की ओर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि देश में हरित क्रांति से पूर्व मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद थे लेकिन जैसे-जैसे अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों को उगाना शुरू किया गया तो मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी हो गई। अधिकांश मिट्टी में दो से अधिक सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी वर्तमान में है। 

डॉ0 शुक्ला द्वारा बताया गया कि जिंक एक ऐसा तत्व है जो एंजाइम की गतिविधि को नियंत्रित करता है और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए जिन मिट्टियों में जिंक की कमी है उनमें बुवाई से पूर्व अथवा खड़ी फसल में जिंक का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि आजकल सस्य क्रियाओं के माध्यम से भी हम लोग फोर्टीफाइड उत्पाद तैयार कर सकते हैं। 

अधिष्ठाता कृषि डॉ. सी. एल. मौर्य द्वारा अपने स्वागत संबोधन में बताया गया कि मिट्टी, पौधे और मानव में पोषक तत्व की स्थिति में एक संबंध है, यदि मिट्टी में पोषक तत्व कम है तो इसका सीधा असर मानव पर पड़ता है। धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता उद्यान डॉ. पी. के. सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक शोध डॉo राजीव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में निदेशक प्रसार डॉ0 आर0के0 यादव, डॉ. पी. के. राठी, डॉ. आर. बी. सिंह, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. सर्वेश कुमार, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. वाई. के. सिंह, डॉ. अनिल सचान, डॉ. शमीम अहमद आदि के साथ-साथ लगभग 100 पीएचडी के छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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