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15 दिवसीय विद्यार्थी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ संपन्न

कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आईसीएआर नई दिल्ली द्वारा वित्त पोषित पर योजना पोषण फसलों पर उन्नत कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के अंतर्गत विद्यार्थी विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम विषय पर आयोजित 15 दिवसीय राष्ट्रीय आभासी प्रशिक्षण का आज समापन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एमएससी, एमटेक और पीएचडी देशभर के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विभिन्न प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा कुल 15 व्याख्यान दिए गए।जिसमें छात्र-छात्राओं को काफी लाभ हुआ है। प्रतिभागियों का मूल्यांकन करने के लिए 40 प्रश्नों से युक्त बहुविकल्पीय परीक्षा कराई गई। सभी प्रतिभागियों ने ई प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पात्रता सीमा से अधिक अंक प्राप्त किए। आई आई ई एस टी,शिवपुर, कोलकाता के एम टेक छात्र श्री यशवंत सिंह सर्वाधिक अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे। प्रशिक्षण समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. प्रभात कुमार राष्ट्रीय समन्वयक  कास्ट योजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली ने छात्रों में आत्मविश्वास, कौशल और रचनात्मक विकसित करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण के आयोजन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिससे देश को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण का आयोजन समय की आवश्यकता है। ताकि छात्रों में एक उद्यमी के रूप में चुनौतियों का सामना करने के लिए नेतृत्व गुणों का विकास किया जा सके। 

प्रशिक्षक शेफाली राज, एमडी पीएसआईटी कानपुर ने शब्दावली निर्माण, सार्वजनिक बोलने की कला, सोशल मीडिया,  नेतृत्व और टीम निर्माण और सामाजिक उद्यमिता पर बल दिया। गीतांजलि अरोड़ा ने मौखिक और गैर मौखिक संचार और साक्षात्कार का सामना कैसे करें जैसे विषयों पर चर्चा की। ऐश्वर्य, ऑनलाइन ट्रेनर पेरिस फ्रांस ने विरोधाभास प्रबंधन विषय पर व्याख्यान दिया और बताया कि विरोधाभास का मतलब झगड़ा नहीं बस यह लोगों के बीच असहमति या विचार प्रक्रिया का थोड़ा अंतर है। डॉ. पूजा जैन, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी विभाग, असम ने संचार कौशल पर व्याख्यान दिया और विभिन्न प्रकार के संचार कौशल के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। रेशम जैन, अंग्रेजी और सॉफ्ट स्किल ट्रेनर, आसकी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी पुणे ने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर अपनी बात प्रस्तुत की। प्रशिक्षण के कोर्स डायरेक्टर डॉ. सी. एल. मौर्य ने बताया कि प्रतिभागियों ने अपने संदेहों को स्पष्ट करने के लिए विद्वान वक्ताओं के साथ बातचीत की। प्रेजेंटेशन ऑफ इंटरेक्शन सेशन लगभग 70:30 का  था। कोर्स डायरेक्टर ने बताया कि मुझे विश्वास है कि प्रतिभागियों को सीखने में बहुत इंटरेस्ट आया। डॉ. मौर्य ने प्रशिक्षण आख्या प्रस्तुत की। स्वागत भाषण निदेशक शोध डॉ. एच. जी. प्रकाश ने एवं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. राजीव ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन सम्मिलित रूप से डॉक्टर मौर्य एवं डॉ. श्वेता तथा डॉ. राजीव द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. विनय, पारस कुशवाहा, राजकुमार, सुबोध एवं समस्त आयोजक मंडल उपस्थित रहे।

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