लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कानपुर के चर्चित किडनी कांड को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे रैकेट में भाजपा से जुड़े लोग शामिल हैं और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री हालात से बेखबर हैं। उन्होंने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में PDA सरकार (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सत्ता में आएगी और सभी को उचित सम्मान और अधिकार दिलाकर हालात बदलेगी।
सपा अध्यक्ष ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा की रैली फ्लॉप दिख रही है लेकिन अपने ही विभाग की स्थिति देखने की फुर्सत नहीं है। उन्होंने व्यंग्य में कहा कि कम से कम अपनी आंखों की जांच तो डॉक्टर से करा लें।
हाल ही में आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के इस्तीफे और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने ईमानदार अधिकारियों से जल्दबाजी में निर्णय न लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय जल्द ही बीत जाएगा और सपा सरकार आने पर उन्हें उचित पद और सम्मान मिलेगा।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर काम कर रहे हैं, विशेषकर चुनावी राज्यों (जैसे पश्चिम बंगाल) और यूपी के उपचुनावों में धांधली की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि आयोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारियों के तबादलों में पक्षपात हो रहा है।
फेक करेंसी के मुद्दे पर भी सपा प्रमुख ने सरकार को घेरा। उन्होंने देवरिया और गोरखपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश में गोरखधंधा चल रहा है। नकली नोट देश में आ रहे हैं और असली नोट बाहर जा रहे हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा नेता अब “PDA” नाम सुनने मात्र से ही घबराने और कांपने लगे हैं। अखिलेश यादव लगातार PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) रणनीति के जरिए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।

