सुल्तानपुर। कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान के सेमिनार हॉल में सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा एक विस्तृत एलुमनाई एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान विद्यार्थियों को पूर्व छात्रों के अनुभवों से जोड़ते हुए उन्हें करियर, तकनीकी कौशल और कार्यक्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. उपाध्याय के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. यू. के. माहेश्वरी ने मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एलुमनाई संस्थान की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, जो अपने अनुभवों से नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हैं।
इस अवसर पर 1983 बैच (सिविल इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय बैच) के पूर्व छात्र एवं सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता राम अचल वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वर्तमान में वे यूपीआरआरडीए, लखनऊ में स्टेट क्वालिटी मॉनिटर के रूप में कार्यरत हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इंजीनियरिंग पेशे की मूलभूत आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “समय पालन, ईमानदारी और कार्य के प्रति समर्पण ही एक सफल इंजीनियर की पहचान होती है।” उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक समझ और निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम में 2015 बैच के पूर्व छात्र आलोक कुमार सिंह, जो वर्तमान में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सुल्तानपुर में सहायक अभियंता हैं, ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण स्थलों पर अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि फील्ड में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे किया जाता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान और इंटर्नशिप पर विशेष ध्यान दें।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अनुपम वर्मा ने कुशलतापूर्वक किया, जिससे पूरे सत्र में संवादात्मक वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, प्लेसमेंट, सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और करियर विकल्पों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। एलुमनाई ने अपने अनुभवों के आधार पर सभी प्रश्नों के विस्तृत और उपयोगी उत्तर दिए।
इस एलुमनाई मीट में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सभी शिक्षकगण प्रो. एच. के. गुप्ता, प्रो. राम आशीष प्रजापति, डॉ. चतुर्भुज और प्रो. शुभ्रा उपाध्याय उपस्थित रहे और उन्होंने भी छात्रों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें सिद्धांत श्रीवास्तव, शगुन यादव, प्रतीक मिश्रा, रक्तिम कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, हितेंद्र सिंह, हरे कृष्ण, याशी यादव, आंचल, अंकुर यादव, निखिल गुप्ता, नवनीत यादव, हर्ष यादव, रौनक मल्ल, त्रिपुरारी यादव, आर्यन मौर्य, आर्यन कटियार एवं अनुराग चौधरी सहित अन्य विद्यार्थी शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को न केवल प्रेरणा मिलती है, बल्कि उन्हें अपने भविष्य की दिशा तय करने में भी मदद मिलती है।

