कानपुर। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर जन शिक्षण संस्थान, कानपुर द्वारा कार्यालय परिसर में संगोष्ठी एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिनेश बरासिया, सदस्य, प्रबन्ध मण्डल, जन शिक्षण संस्थान, कानपुर एवं डिविजनल चेयरमैन, कानपुर मण्डल, आई.आई.ए. तथा विशिष्ट अतिथि संदीप, एम.आई.एस. मैनेजर, जिला कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई, कानपुर (यूपीएसडीएम) का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि का स्वागत प्रशिक्षिका शिखा शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत प्रशिक्षिका निशात फातिमा ने किया।
संस्थान के निदेशक सुशील कुमार पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस का उद्देश्य युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रखकर तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2014 में इस दिवस की घोषणा की गई थी तथा पहली बार 15 जुलाई, 2015 को इसका आयोजन किया गया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने कौशल को निरंतर विकसित करने, स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने तथा केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की भी उपयोगी जानकारी प्रदान की।
विशिष्ट अतिथि संदीप ने प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास के बदलते स्वरूप, रोजगार के नए अवसरों तथा राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (एन.एस.क्यू.एफ.) के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कौशल ही आज के समय में सफलता और रोजगार का सबसे प्रभावी माध्यम है।
मुख्य अतिथि दिनेश बरासिया ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का आधार निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीखा हुआ कौशल तभी सार्थक होता है जब उसे निरंतर अभ्यास के माध्यम से निखारा जाए। उन्होंने सभी युवाओं से अपने हुनर को रोजगार एवं स्वरोजगार में परिवर्तित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। कार्यक्रम का समापन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के संकल्प के साथ हुआ।
इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

