कौशांबी/प्रयागराज। सोमवार की दोपहर मनौरी बाजार के लोगों के लिए दहशत में बदल गई। पिपरी थाना क्षेत्र में एक मकान में चल रही पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगी और देखते ही देखते वहां रखे विस्फोटक पटाखे धमाके के साथ फटने लगे। लगातार हुए विस्फोटों से पूरा इलाका कांप उठा। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। घायलों में कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और कई को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
एक धमाका और फिर लगातार गूंजती रही विस्फोटों की आवाज
हादसा सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले फैक्ट्री से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही क्षण बाद तेज धमाका हुआ। इसके बाद एक के बाद एक कई विस्फोट होने लगे।
धमाकों की आवाज दूर-दराज के इलाकों तक सुनाई दी। देखते ही देखते आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया। मनौरी बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
मलबे में तब्दील हुए आसपास के मकान
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के आसपास बने कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 15 से अधिक मकानों के धराशायी होने की सूचना है। कई घरों के शीशे टूट गए और आसपास ईंट-पत्थर बिखर गए।
बताया जा रहा है कि विस्फोट से उड़ा मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। इससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश
धमाकों के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने की बनी हुई है। लगातार विस्फोटों के कारण शुरुआती दौर में राहतकर्मियों को घटनास्थल तक पहुंचने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इसके बाद जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। बचाव दल मलबे के नीचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
घायलों को प्रयागराज भेजा गया
हादसे में झुलसे लोगों को एंबुलेंस के जरिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। कई घायलों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
प्रशासन ने अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था भी सक्रिय कर दी है, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
घटनास्थल पर पहुंचे बड़े अधिकारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज और कौशांबी के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के साथ कौशांबी के डीएम और एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया।
दोनों जिलों की पुलिस फोर्स, एंबुलेंस और बचाव दल को मौके पर लगाया गया है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मकान में चल रही थी पटाखा फैक्टरी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पटाखा फैक्टरी आबादी से कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में संचालित हो रही थी। हादसे के वक्त वहां करीब एक दर्जन लोगों के मौजूद होने की बात सामने आई है।
फैक्टरी के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। हालांकि आग की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर है। आग और विस्फोट की वजह क्या थी, फैक्टरी में पटाखों का भंडारण किस तरह किया गया था और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आएंगे।
मनौरी का यह हादसा एक बार फिर आबादी के बीच संचालित विस्फोटक सामग्री से जुड़ी इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

