चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत महिलाओं को तीसरे बच्चे के जन्म पर भी 365 दिन यानी पूरे एक साल की मातृत्व छुट्टी मिल सकेगी। मंगलवार को विधानसभा में मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री डी. सरथकुमार ने इसकी घोषणा की।
सरकार के इस फैसले से तीसरे बच्चे के मामले में मिलने वाली मातृत्व छुट्टी और पहले दो बच्चों के लिए उपलब्ध अवकाश के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा। यह निर्णय कामकाजी महिलाओं को प्रसव के बाद स्वास्थ्य सुधार और नवजात की देखभाल के लिए अधिक समय उपलब्ध कराने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
12 सप्ताह से बढ़कर एक साल होगा अवकाश
इससे पहले राज्य के नियमों के तहत दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि 12 सप्ताह यानी 84 दिन तक सीमित थी। मार्च 2026 में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नियमों में संशोधन करते हुए तीसरे बच्चे के मामले में भी मातृत्व अवकाश का प्रावधान किया था, लेकिन इसकी अवधि 12 सप्ताह रखी गई थी।
अब विधानसभा में की गई नई घोषणा के बाद तीसरे बच्चे के जन्म पर अवकाश की अवधि बढ़ाकर 365 दिन किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे महिला कर्मचारियों को प्रसव के बाद लंबे समय तक बच्चे की देखभाल के लिए घर पर रहने का अवसर मिलेगा।
महिला कल्याण पर सरकार का जोर
सरकार ने इस फैसले को महिला कर्मचारियों के कल्याण और परिवार-केंद्रित नीतियों से जोड़कर देखा है। लंबे मातृत्व अवकाश से महिलाओं को प्रसव के बाद स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चे के शुरुआती विकास और देखभाल पर पर्याप्त ध्यान देने में मदद मिल सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदला था नियम
तीसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश का मुद्दा तमिलनाडु में न्यायिक स्तर पर भी उठा था। के. उमादेवी बनाम तमिलनाडु सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व लाभ के अधिकार के पहलू पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने मार्च 2026 में फंडामेंटल रूल 101(ए) में संशोधन किया था।
अब विधानसभा में 365 दिन के अवकाश की घोषणा को महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए मौजूदा व्यवस्था में एक और बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
जल्द सामने आएगा विस्तृत आदेश
विधानसभा में घोषणा के बाद अब इस फैसले को लागू करने के लिए सरकार की ओर से विस्तृत आदेश और नियम सामने आने का इंतजार है। इसमें पात्रता, अवकाश की शर्तों और नई व्यवस्था लागू होने की तारीख समेत अन्य प्रशासनिक पहलुओं को स्पष्ट किया जा सकता है।
तमिलनाडु सरकार के इस फैसले से राज्य की महिला सरकारी कर्मचारियों को मातृत्व के दौरान पहले की तुलना में कहीं अधिक समय और सुविधा मिलने की उम्मीद है।

