पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में शामिल सीपीआई(एम) ने शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी किया। पार्टी की वरिष्ठ नेता बृंदा करात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा-पत्र जारी करते हुए कहा कि संसाधन एवं प्रतिभावान क्षमता से युक्त श्रम-बल के बावजूद पिछले 20 वर्षो से भाजपा और नीतीश सरकार ने बिहार को बदहाल बना रखा है और लूटा है। इन चुनावों में महागठबंधन वैकल्पिक विकास की नीतियों के साथ एक सशक्त विकल्प के तौर पर बिहार की जनता के सामने है।
सीपीआई(एम) रोज़गार, महिलाओं के अधिकार और उनकी सुरक्षा तथा श्रमिक वर्गों को समुचित वेतन सहित अर्जित अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बृंदा करात ने मोका में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना से साफ है कि बिहार में एनडीए राज में माफिया राज और जंगल राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की खराब स्थिति के लिए विपक्ष को नहीं, बल्कि मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को ‘पाकिस्तान का एजेंट’ कहे जाने पर बृंदा करात ने कहा, ‘बीजेपी नेता बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देते हैं। किसी ऐसे परिवार के बारे में ऐसी बात कहना, जो लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में है, बेहद शर्मनाक है।’ उन्होंने कहा कि सीपीआई(एम) का घोषणापत्र INDIA ब्लॉक के रोजगार सृजन के संकल्प के अनुरूप है। बिहार के लोग रोजगार की कमी के कारण गुजरात जैसे राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिलती।

