देहरादून। नीट पेपर लीक, सीबीएसई की उत्तरपुस्तिका जांच में कथित गड़बड़ियों और सीयूईटी परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कौलागढ़ स्थित सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक कार्यालय के बाहर धरना देकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी की तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। उनका कहना था कि नीट परीक्षा में पेपर लीक, सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं और सीयूईटी परीक्षा में सामने आई खामियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
धस्माना ने कहा कि जब देश की प्रमुख परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, तब इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की।
उन्होंने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रही शिकायतें परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्रों में असंतोष और बढ़ सकता है।
इस अवसर पर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण और बाजारीकरण बढ़ा है, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हुई है। उन्होंने छात्रों के हितों की रक्षा के लिए निष्पक्ष और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, प्रदेश महामंत्री जगदीश धीमान, युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित खन्ना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

