मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का निधन सोमवार को हो गया है। बता दें, उन्हें 31 अक्टूबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन 12 नवंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। उसके बाद से घर पर ही उनका इलाज चल रहा था।
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के साहनेवाल गांव में हुआ था। 65 साल के करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और वह हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रखते हैं। धर्मेंद्र ने 1960 में दिल भी तेरा हम भी तेरे से डेब्यू किया और 1960 के दशक में पॉपुलर हो गए। उनका आई मिलन की बेला, फूल और पत्थर और आए दिन बहार के ने उन्हें इस दशक में रातों रात पॉपुलैरिटी दिलाई। वहीं उन्हें हीमैन का दर्जा दिया गया, जो आज भी कायम है। उनकी फिल्में शोले से लेकर यमला पगला दीवाना तक सभी फिल्में फैंस की फेवरेट रही हैं। धर्मेंद्र ने शोले, धर्मवीर, चुपके चुपके, मेरा गांव मेरा देश और ड्रीम गर्ल जैसी कई यादगार फिल्में दी हैं। हाल ही में वो शाहिद कपूर-कृति सेनन की फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ में नजर आए थे। अब वो जल्द ही अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ में दिखेंगे, जो 25 दिसंबर को रिलीज होगी। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें धर्मेंद्र को शानदार अंदाज में देखने को मिला।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके निधन को ‘भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति’ बताया है। अपने भावपूर्ण संदेश में, उन्होंने कई दशकों तक फैले उनके उल्लेखनीय करियर पर प्रकाश डाला और कहा कि उन्होंने अनगिनत परफॉर्मेंस दी हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। अपनी प्रभावशाली उपस्थिति से हिंदी सिनेमा के विकास को आकार दिया है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि धर्मेंद्र अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जो आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करेगी। उन्होंने देओल परिवार, दोस्तों और इस प्रतिष्ठित सुपरस्टार के निधन पर शोक मना रहे लाखों प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने दिवंगत एक्टर को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है, ‘धर्मेंद्र जी के जाने से भारतीय सिनेमा में एक युग का अंत हो गया है। वह एक आइकॉनिक फिल्म पर्सनैलिटी थे। एक जबर्दस्त एक्टर थे, जो अपने हर रोल में आकर्षण और गहराई लाते थे। जिस तरह से उन्होंने अलग-अलग किरदान निभाए, अनगिनत लोगों के दिलों को छू लिया। धर्मेंद्र जी अपनी सादगी, विनम्रता और प्यार के लिए भी उतने ही जाने जाते थे। इस दुख की घड़ी में, मेरी दुआएं उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत फैंस के साथ हैं। ओम शांति’।

