सुल्तानपुर। के.एन.आई.टी., सुल्तानपुर के सिविल इंजीनियरिंग फोरम के द्वारा बुधवार को ‘Relevant Indian Standard Codal Provisions for Reclassification of Seismic Zones of India’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यू. के. महेश्वरी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. आर. पी. त्रिपाठी तथा अतिथि के रूप में प्रो. आलोक सिंह (AE ,RED, सुल्तानपुर), प्रो. क़ासिम खान (KNIPSS, सुल्तानपुर) ने अपनी उपस्थिति रहे। इस अवसर पर प्रो. आर. पी. त्रिपाठी, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. अभय अग्रवाल, प्रो. अनिल सिंह भी मौजूद रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारत के भूकंपीय क्षेत्रों के पुनर्वर्गीकरण हेतु प्रासंगिक भारतीय मानक कोड प्रावधानों (IS 1893 2025) की जानकारी का अध्ययन करना और प्रतिभागियों को नवीनतम दिशानिर्देशों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के अंतर्गत मॉडल प्रदर्शनी, पोस्टर प्रेज़ेंटेशन और फिल्मों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. यूके माहेश्वरी ने भूकंपीय परिवर्तनों और भारत में भूकंपीय गतिविधियों के बारे में अब तक के भारतीय मानक अपडेट के बारे में बताया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर त्रिपाठी ने भूकंपीय अद्यतन और सामुदायिक भागीदारी के बारे में बताया। मुख्य अतिथि प्रो. आलोक कुमार सिंह ने भूकंपीय अद्यतन के महत्व और क्षेत्र में इसकी भागीदारी की आवश्यकता के बारे में बताया। अतिथि प्रोफेसर कासिम ने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम में उपरोक्त परिवर्तनों की भागीदारी आवश्यक है।
संस्थान निदेशक डॉ. आर.के. उपाध्याय ने सुरक्षित जीवन के लिए टीम आधारित सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया। कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर अनुपम वर्मा ने हाल के बदलावों और भवन निर्माण पर इसके प्रभाव के बारे में बताया।
कार्यक्रम में प्रो. रुचिन अग्रवाल, प्रो. एच. के. गुप्ता, प्रो. राम आशीष प्रजापति, प्रो. शिवम श्रीवास्तव, प्रो. विकास गौतम, प्रो. शुभ्रा उपाध्याय, प्रो. चतुर्भुज ने भाग लिया। इस अवसर पर पूजा, अंकुर यादव, दीपांशु गुप्ता, आकांक्षा मौर्या, आंचल, निखिल गुप्ता, रविकांत सिद्धार्थ, आनंद वर्मा, अभिषेक सिंह कौशल, आदर्श शुक्ला सहित संस्थान के सभी छात्र ने प्रतिभाग किया।

