काकामिगाहारा (जापान)। भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2025 जीत लिया, लेकिन इस खिताबी सफलता के पीछे एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया जिसने पूरे टूर्नामेंट में विपक्षी टीमों की नींद उड़ा दी। यह नाम है आशीष तानी पूर्ति।
फाइनल में मेजबान जापान के खिलाफ जब करोड़ों भारतीय हॉकी प्रेमियों की नजरें मैच पर टिकी थीं, तब आशीष ने अकेले तीन गोल दागकर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। उनकी हैट्रिक की बदौलत भारत ने जापान को 4-1 से हराकर दस साल बाद एशियाई ताज अपने नाम किया।
आशीष का प्रदर्शन सिर्फ फाइनल तक सीमित नहीं रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 13 गोल किए और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। खास बात यह रही कि उनके अधिकांश गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर आए, जिसने उन्हें भारत का नया ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ बनने की दौड़ में खड़ा कर दिया है।
हॉकी विशेषज्ञों का मानना है कि जूनियर स्तर पर जिस तरह आशीष ने दबाव वाले मुकाबलों में गोल किए हैं, वह आने वाले वर्षों में भारतीय सीनियर टीम के लिए बड़ी उम्मीद साबित हो सकते हैं। फाइनल में मैच शुरू होने के महज 90 सेकंड बाद किया गया उनका पहला गोल जापानी टीम की रणनीति को पूरी तरह बिखेर गया।
कप्तान केतन कुशवाहा ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन चर्चा का केंद्र आशीष ही रहे। उनकी स्टिक से निकले गोलों ने भारत को तीसरी बार अंडर-18 एशिया कप का चैंपियन बनाया।
अब भारतीय हॉकी को एक नया सितारा मिल गया है। यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में आशीष तानी पूर्ति का नाम भारतीय हॉकी के बड़े खिलाड़ियों में शामिल हो सकता है। जापान में जीती गई यह ट्रॉफी शायद उनके सुनहरे करियर की सिर्फ शुरुआत हो।

