चेन्नई। किसी भी बड़ी फिल्म की असली परीक्षा रिलीज के पहले सप्ताह में होती है। दर्शकों की भीड़, टिकटों की मांग और बॉक्स ऑफिस की रफ्तार अक्सर शुरुआती दिनों में ही तय हो जाती है। इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु सरकार ने ऐसा फैसला लिया है, जो राज्य के फिल्म कारोबार की तस्वीर बदल सकता है।
अब नई तमिल फिल्मों को रिलीज के पहले सात दिनों तक रोजाना पांच शो चलाने की अनुमति होगी। पहले जहां थिएटरों को चार शो तक सीमित रहना पड़ता था, वहीं अब अतिरिक्त शो के जरिए दर्शकों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।
इस फैसले की खास बात सिर्फ एक शो बढ़ाना नहीं है, बल्कि वह प्रशासनिक बाधा हटाना है जो वर्षों से थिएटर संचालकों के सामने चुनौती बनी हुई थी। अब अतिरिक्त शो के लिए अलग-अलग स्तर पर अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी फिल्म रिलीज होते ही थिएटर मालिक बिना अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया के पांच शो चला सकेंगे।
फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह बदलाव ऐसे समय आया है जब बड़े सितारों की फिल्मों के दौरान टिकटों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। कई बार दर्शकों को टिकट नहीं मिल पाती, जबकि थिएटर अतिरिक्त शो चलाने की अनुमति का इंतजार करते रहते हैं। नए नियम से यह समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।
सरकार ने 1957 के पुराने सिनेमा नियमों में संशोधन कर यह व्यवस्था लागू की है। 22 मई 2026 से प्रभावी यह फैसला फिल्म निर्माताओं, वितरकों और थिएटर मालिकों के लिए राहत लेकर आया है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे फिल्मों की शुरुआती कमाई में बढ़ोतरी होगी और दर्शकों को भी ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
सिनेमा कारोबार के जानकार इसे सिर्फ नियम परिवर्तन नहीं, बल्कि तमिल फिल्म उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप उठाया गया एक व्यावहारिक कदम मान रहे हैं। आने वाले समय में यह मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

