सुल्तानपुर। कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT), में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से साहित्यिक परिषद की ओर से ‘अभ्युदय’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैच 2030 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी वैचारिक क्षमता, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. अनुपम वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. ए. के. चौहान सहित साहित्यिक परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, मां सरस्वती की वंदना और पुष्प अर्पित कर किया गया।
समयबद्ध आयोजन और नेतृत्व क्षमता पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. आर. के. उपाध्याय ने ‘अभ्युदय’ के सफल आयोजन के लिए साहित्यिक परिषद की सराहना की। उन्होंने कहा कि परिषद ने कार्यक्रमों के समयबद्ध आयोजन की एक उत्कृष्ट परंपरा स्थापित की है। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में अनुशासन, प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया, ताकि वे शैक्षणिक विकास के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को भी निखार सकें।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों को मिला प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर
‘अभ्युदय’ कार्यक्रम ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अपनी साहित्यिक एवं रचनात्मक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, उन्हें साहित्य और संस्कृति से निरंतर जुड़े रहने तथा अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर साहित्यिक परिषद के सचिव वेंकटेश शुक्ला और यशी यादव सहित विदिशा चौधरी, ओम मोहन वर्मा, अमृतांश पाण्डेय, सुजीत और आदित्य गंगवार उपस्थित रहे। परिषद के संयुक्त सचिव रिया सिंह, अर्पित जायसवाल, जयंत प्रभाकर यादव, नंदनी, हरित और आयुष शुक्ला के साथ सदस्य पूजा, अंशिका गिरी, अक्षत एवं अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘अभ्युदय’ के आयोजन ने संस्थान में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

