नई दिल्ली। फुटबॉल की दुनिया में एक युग के अंत की घोषणा हो गई है। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनल मेसी ने राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का फैसला किया है। लगभग दो दशक तक अर्जेंटीना की जर्सी में मैदान पर उतरने वाले मेसी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दें।
मेसी का यह फैसला उनके लिए भी आसान नहीं था। उन्होंने अपने संदेश में स्वीकार किया कि राष्ट्रीय टीम से अलग होने का विचार उन्हें भीतर तक दुखी कर रहा है, लेकिन वह इसे अपने करियर का सही अगला कदम मानते हैं।
विश्व चैंपियन बनाने के बाद मिली सबसे बड़ी पहचान
मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे सुनहरा अध्याय 2022 में आया, जब उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने विश्व कप का खिताब जीता। इस जीत के साथ मेसी ने वह उपलब्धि भी हासिल कर ली, जिसका इंतजार उनके प्रशंसक और खुद वह वर्षों से कर रहे थे।
अर्जेंटीना के लिए मेसी ने विश्व कप और कोपा अमेरिका जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में टीम ने लगातार बड़े खिताब हासिल किए और अर्जेंटीना फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अब मैदान के बाहर से दिखेगा समर्थन
अपने विदाई संदेश में मेसी ने साफ किया कि अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से उनका रिश्ता खत्म नहीं होगा। फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब वह मैदान पर जर्सी पहनकर नहीं, बल्कि बाहर से टीम का हौसला बढ़ाते नजर आएंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा गर्व की बात रहा है। लेकिन अब टीम में नई पीढ़ी के खिलाड़ी जगह बना रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
मेसी का मानना है कि अर्जेंटीना के पास प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों की नई खेप मौजूद है, जो राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार है।
छह विश्व कप का हिस्सा रहे मेसी
मेसी ने अर्जेंटीना की ओर से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में छह विश्व कप में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय टीम के लिए उनके आंकड़े भी उनके प्रभाव को दर्शाते हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने अर्जेंटीना के लिए 207 मैचों में 125 गोल किए और 68 असिस्ट दर्ज किए।
उनका अंतरराष्ट्रीय सफर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। मेसी ने कई पीढ़ियों के फुटबॉल प्रशंसकों को अर्जेंटीना से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार और साथियों को कहा शुक्रिया
विदाई संदेश में मेसी ने अपने परिवार, प्रशिक्षकों और साथी खिलाड़ियों का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर में परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा।
मेसी ने उन सभी कोच और खिलाड़ियों को भी धन्यवाद दिया, जिनके साथ उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी में सफर तय किया। उनके मुताबिक इस यात्रा से मिली यादें और अनुभव उनके साथ हमेशा रहेंगे।
‘मुझे अर्जेंटीना का नागरिक बनाने के लिए भगवान का धन्यवाद’
मेसी के संदेश का सबसे भावुक हिस्सा वह रहा, जहां उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के साथ अपने रिश्ते को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा इस जर्सी के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और उनका उद्देश्य देशवासियों को गर्व महसूस कराना रहा।
उन्होंने अपने संदेश का अंत भावुक अंदाज में ‘वामोस अर्जेंटीना!’ कहकर किया।
मेसी के लिए यह सिर्फ राष्ट्रीय टीम से विदाई नहीं, बल्कि उनके जीवन के उस अध्याय का समापन है जिसमें उन्होंने हार, आलोचना, संघर्ष और अंततः ऐतिहासिक सफलताओं—सबका सामना किया। अब अर्जेंटीना की जर्सी में उनका इंतजार नहीं होगा, लेकिन फुटबॉल इतिहास में उनका नाम लंबे समय तक सबसे चमकदार अध्यायों में शामिल रहेगा।

