कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) ने सांख्यिकी एवं डेटा साइंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक समर्पित “सांख्यिकी और डेटा साइंस विभाग” की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय तेजी से विकसित हो रहे डेटा विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई गति प्रदान करेगा।
नवगठित विभाग के अंतर्गत संस्थान के सभी प्रमुख सांख्यिकी कार्यक्रम संचालित होंगे। इनमें बीएस-एमएस (सांख्यिकी एवं डेटा साइंस), एमएससी (सांख्यिकी) तथा पीएचडी (सांख्यिकी) कार्यक्रम शामिल हैं। एमएससी कार्यक्रम 1970 के दशक से संचालित हो रहा है, जबकि बीएस-एमएस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। अब इन सभी पाठ्यक्रमों को एक ही विभाग के अंतर्गत लाकर उनकी शैक्षणिक पहचान और विकास को और मजबूत किया जाएगा।
संस्थान के अनुसार, एमएससी (सांख्यिकी) कार्यक्रम में 60 सीटें तथा बीएस-एमएस (सांख्यिकी एवं डेटा साइंस) कार्यक्रम में लगभग 30 सीटें उपलब्ध रहेंगी। नया विभाग सांख्यिकी, प्रायिकता और मात्रात्मक विज्ञान के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर की दशकों पुरानी उपलब्धियों को आगे बढ़ाएगा।
आईआईटी कानपुर का सांख्यिकी एवं प्रायिकता समूह लंबे समय से उच्चस्तरीय शिक्षण और अनुसंधान में योगदान देता रहा है। संस्थान का मानना है कि एक स्वतंत्र विभाग के गठन से अंतःविषयक शोध को बढ़ावा मिलेगा और देश में सांख्यिकीय विज्ञान के लिए एक अग्रणी केंद्र विकसित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते प्रभाव के दौर में विश्वसनीय और पारदर्शी तकनीकी प्रणालियों के निर्माण के लिए मजबूत सांख्यिकीय आधार आवश्यक है। ऐसे समय में योग्य सांख्यिकी विशेषज्ञों और प्रशिक्षित संकाय की वैश्विक कमी को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गौरतलब है कि विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों जैसे हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, ऑक्सफोर्ड और यूसी बर्कले में सांख्यिकी एवं डेटा साइंस के लिए समर्पित विभाग पहले से मौजूद हैं। भारत में ऐसे विभाग अभी सीमित संख्या में हैं। ऐसे में आईआईटी कानपुर का यह कदम न केवल संस्थान बल्कि देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी एक नई मिसाल साबित हो सकता है।

