रायबरेली। बछरावां थाना क्षेत्र के कन्नावा गांव में शनिवार को आग लगने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। लेकिन इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सिलेंडर फटने के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
गांव की महिलाओं और युवाओं ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से कई घर सुरक्षित बच गए। हादसे में झुलसे तीन लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और गांव को बड़ी तबाही से बचा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सबने मिलकर तुरंत कदम न उठाया होता, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी अमित कुमार की पत्नी रेनू घर में चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान चिंगारी उड़ी और उनके छप्पर में आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग बढ़ती हुई पड़ोसी सूरज पाल के घर तक पहुंच गई। सूरज पाल के घर में आग लगने के बाद अंदर रखा गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। संयोग से सूरज पाल के घर में कोई नहीं था।

