लखनऊ। उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को कानपुर, ललितपुर और जालौन में जमकर ओले गिरे। कानपुर में शाम को तेज आंधी और बारिश हुई। गोविंद नगर में पेड़ उखड़ने से एक कार नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय ने बताया कि 5 अप्रैल तक मौसम अस्थिर रह सकता है।
वहीं, जालौन की माधौगढ़ तहसील में तेज हवाओं और बारिश के साथ भारी ओले गिरे। सड़कों और खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा। लखनऊ में शाम को तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ समय तक 40–60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की संभावना है।
अन्य राज्यों की स्थिति :
उत्तराखंड में केदारनाथ में बर्फबारी के बाद पूरा इलाका सफेद हो गया। वहीं हिमाचल में रोहतांग दर्रे के पास भारी हिमपात से अटल सुरंग बंद कर दी गई। लाहौल-स्पीति और शिमला में भी बर्फबारी और बारिश हुई।
राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर में ओले गिरे। अजमेर-ब्यावर में आंधी से पेड़ गिर गए और टीनशेड उड़ गए। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को 36 जिलों में बारिश हुई, शनिवार को ओले गिरने की आशंका है। दिल्ली, पंजाब और अन्य 11 राज्यों: तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
नुकसान और असर:
यूपी की कोसीकला अनाज मंडी में 10 हजार बोरियों में रखा करीब 5 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया। राज्य में अलग-अलग जगह बिजली गिरने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान में 3–5°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

