नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच घोषित युद्ध विराम को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं कि क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे, तो वह मौजूदा संघर्ष विराम समझौते से पीछे हट सकता है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह चेतावनी लेबनान में इजरायली हमलों की बढ़ती रिपोर्टों के बाद दी गई है। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि लेबनान में ‘इस्लामी प्रतिरोध’ के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई युद्ध विराम की शर्तों का उल्लंघन है और ऐसे में समझौते पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
सूत्र के मुताबिक, दो सप्ताह के युद्धविराम प्रस्ताव में यह शर्त शामिल थी कि सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकी जाएगी। हालांकि, आरोप है कि इजरायल ने इस समझौते का उल्लंघन करते हुए लेबनान पर हमले जारी रखे हैं।
इस बीच, ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी नौसेना ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना अनुमति पार करने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट किया जा सकता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्पष्ट किया कि सभी जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने के लिए ईरानी सिपाह नौसेना से अनुमति लेनी होगी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस चेतावनी के बाद कई जहाजों ने अपनी आवाजाही रोक दी है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिसकी चौड़ाई करीब 34 किलोमीटर है। यह मार्ग खाड़ी से हिंद महासागर को जोड़ता है और वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।

