नई दिल्ली। जमीनी स्तर पर डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (एनएईजी) 2025 से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार सोमवार को आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में ई-गवर्नेंस (एनसीईजी) पर 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ . जितेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किए गए। इस सम्मेलन की शुरुआत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने की।
देश भर से 1.45 लाख से अधिक प्रविष्टियों के जटिल बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद, रोहिणी ग्राम पंचायत, धुले जिला, महाराष्ट्र – सरपंच डॉ. आनंदराव पावरा को स्वर्ण पुरस्कार, पश्चिम मजलिसपुर ग्राम पंचायत, पश्चिम त्रिपुरा जिला, त्रिपुरा – सरपंच अनिता देब दास को रजत पुरस्कार और पलसाना ग्राम पंचायत, सूरत जिला, गुजरात – सरपंच प्रवीण भाई परषोत्तम भाई अहीर तथा सुआकाती ग्राम पंचायत, केंदुझार जिला, ओडिशा – सरपंच कौतुक नाइक को जूरी पुरस्कार प्रदान किये गए। प्रत्येक पुरस्कार में एक ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 10 लाख रुपये (स्वर्ण) और 5 लाख रुपये (रजत) की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है।

