Breaking News

‘भारत की भूकंपीय सहनशीलता’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 

सुल्तानपुर। के.एन.आई.टी., सुल्तानपुर के सिविल इंजीनियरिंग फोरम के द्वारा राधारानी के के इंटरमीडिएट कॉलेज सीताकुंड, सुल्तानपुर में ‘भारत की भूकंपीय सहनशीलता’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारत की भूकंपीय सहनशीलता तथा भूकंपीय क्षेत्रों से संबंधित नवीनतम भारतीय मानक कोड प्रावधानों (IS 1893: 2025) की जानकारी का अध्ययन करना और प्रतिभागियों को अद्यतन दिशानिर्देशों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के अंतर्गत मॉडल प्रदर्शनी, पोस्टर प्रेजेंटेशन और फिल्मों का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में निदेशक आर. के. उपाध्याय ने  भूकंप की संवेदनशीलता और बचाव के बारे में जानकारी साझा की और करिकुलम द्वारा इस पर बढ़ावा देने पर जोर दी और विभागाध्यक्ष डॉ. यू. के. महेश्वरी ने तैयारी की शुरुआत जागरूकता से होती है और जागरूकता की शुरुआत स्कूल में होती है ऐसा कहते हुए बच्चों को प्रेरित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वंदना श्रीवास्तव और कार्यशाला के संयोजक प्रो. अनुपम वर्मा रहे। केएनआईपीएस के संकाय सदस्य आशीष कुमार ने कार्यक्रम में भाग लिया और प्रश्नोत्तरी में निर्णायक की भूमिका निभाई। 

इस अवसर पर प्रो. अनुपम वर्मा ने भूकंपीय परिवर्तनों और भारत में भूकंपीय गतिविधियों के संदर्भ में अब तक हुए भारतीय मानक अपडेट के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि वंदना श्रीवास्तव ने भारत की भूकंपीय सहनशीलता, समुद्री लहरें और उनका विस्तार , सुरक्षा उपायों और सामुदायिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। 

इस कार्यशाला के दौरान विद्यालय में क्विज और पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें छात्रों और प्रोफेसरों के बीच वार्तालाप हुई। विद्यालय की प्रधानाचार्या विंदू श्रीवास्तव ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कार्यशाला का समापन किया। 

प्रो. राम आशीष प्रजापति, प्रो. शिवम श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव ने कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर, अंकुर यादव, दीपांशु गुप्ता, आकांक्षा मौर्या, आंचल, निखिल गुप्ता, रविकांत सिद्धार्थ, आनंद वर्मा, अभिषेक सिंह कौशल, सहित संस्थान के  छात्रों ने प्रतिभाग किया।

About rionews24

Check Also

झांसी में बनेगा आधुनिक पशु चिकित्सालय, घायल और निराश्रित पशुओं को मिलेगा नया सहारा

लखनऊ। सड़क हादसों में घायल होने वाले और निराश्रित पशुओं के लिए झांसी में आधुनिक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *