लखनऊ। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे दुग्ध संयंत्रों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गोरखपुर, कन्नौज और कानपुर में निर्माणाधीन डेयरी प्लांट निर्धारित समय सीमा में हर हाल में शुरू किए जाएं।
विधान भवन स्थित कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि कन्नौज डेयरी प्लांट का संचालन 30 अप्रैल तक, गोरखपुर का 5 मई तक तथा कानपुर का 20 मई तक अनिवार्य रूप से प्रारंभ कर दिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि प्लांट संचालन के लिए आवश्यक अमोनिया गैस सहित सभी संसाधन प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। ऐसे में सभी संयंत्रों को पूरी क्षमता के साथ सुचारु रूप से संचालित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इन डेयरी प्लांट्स के शुरू होने से दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मंत्री ने दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाना है। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

