लखनऊ | सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस में कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के रोकथाम के लिए जागरुकता कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए अभिवृद्धि इनोवेशन एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की कंसल्टेंट एवं प्रशिक्षक डॉ. सौम्यता पांडेय ने कहा कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकना और महिला कर्मियों को जागरूक करना हम सभी का दायित्व है। ये तभी सम्भव है जब प्रत्येक महिला कर्मचारियों को पोश (PoSH) अधिनियम 2013 की जानकारी हो। ये कार्यशाला कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी।
प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक ने कहा कि सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल किसी भी प्रगतिशील संस्था की आधारशिला होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता और संवेदनशीलता ही विश्वास, गरिमा और समानता की संस्कृति के निर्माण में सहायक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल व्यक्तियों को जिम्मेदारी से कार्य करने, नैतिक मूल्यों को बनाए रखने तथा स्वस्थ संगठनात्मक वातावरण में सकारात्मक योगदान देने के लिए सशक्त बनाती है। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न पर रोक और सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक कार्य वातावरण को बढ़ावा देना तथा कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक करना है।
अपने संबोधन में सत्र में पोश अधिनियम की उत्पत्ति पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें वर्ष 1992 के भंवरी देवी प्रकरण और उसके बाद बने विशाखा दिशानिर्देशों से लेकर वर्ष 2013 में पोश अधिनियम के लागू होने तक की यात्रा को समझाया गया। प्रमुख विषयों में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 के अंतर्गत संरक्षण, सीडॉ (CEDAW) जैसे अंतरराष्ट्रीय ढांचे, तथा कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता के महत्व को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को शिकायत निवारण तंत्र, आंतरिक समिति समय-सीमा, दंड प्रावधानों एवं विशाखा दिशानिर्देशों और पोश अधिनियम के बीच अंतर के बारे में भी संवेदनशील बनाया गया।
कार्यशाला में रोकथाम, जागरूकता और शिकायत निवारण पर विशेष बल दिया गया तथा यह रेखांकित किया गया कि सुरक्षित कार्य वातावरण मानसिक स्वास्थ्य और व्यावसायिक विकास को सुदृढ़ बनाता है।
सत्र का समापन गरिमा, सम्मान और जवाबदेही को बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिससे प्रत्येक सदस्य सकारात्मक कार्यस्थल संस्कृति का जिम्मेदार संवाहक बन सके।इस कार्यशाला में कुल 90 शिक्षक तथा 60 प्रशासनिक एवं सहायक स्टाफ सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर अभिवृद्धि इनोवेशन एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजेश पाण्डेय मौजूद रहे।

