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सीएसजेएमयू ने बढ़ाया कदम: NIRF-NAAC कार्यशाला में U-CARES योजना की घोष

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर ने गुरुवार को ‘महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता उन्नयन हेतु NIRF एवं NAAC मूल्यांकन’ विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की। यह आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और महाविद्यालय विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में माननीय कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, निदेशक महाविद्यालय विकास परिषद प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, निदेशक IQAC प्रो. संदीप कुमार सिंह, वित्त अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी तथा कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान की पहचान उसकी शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार, छात्र प्रगति, पारदर्शी प्रशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व से होती है। प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी ने संबद्ध महाविद्यालयों से NAAC प्रत्यायन और NIRF रैंकिंग को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। प्रो. संदीप कुमार सिंह ने NAAC और NIRF की प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण और संस्थागत समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस कार्यशाला का सबसे बड़ा आकर्षण रहा University College Accreditation, Review & Excellence Scheme (U-CARES) की घोषणा। जिसके अनुसार, NAAC के लिए आवेदन करने वाले प्रथम 25 संबद्ध महाविद्यालयों को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी एवं योजना का उद्देश्य महाविद्यालयों में प्रत्यायन संस्कृति को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक गुणवत्ता सुधार को प्रेरित करना है।

NAAC सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि NAAC केवल मूल्यांकन नहीं, बल्कि सतत गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया है। सत्र में शिक्षण-अधिगम को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाने, शोध व नवाचार को बढ़ावा देने, तथा सटीक दस्तावेजीकरण पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि IQAC की सक्रिय भूमिका और नियमित आंतरिक शैक्षणिक समीक्षा संस्थानों की प्रगति के लिए अनिवार्य है।

NIRF सत्र में कहा गया कि यह राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग प्रणाली है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है। इसमें सही और प्रमाणित आंकड़ों को विशेष महत्व दिया गया। मुख्य मानदंडों में शिक्षण की गुणवत्ता, शोध प्रकाशन, स्नातक परिणाम और छात्रों का प्लेसमेंट शामिल हैं। साथ ही, समावेशन और संस्थागत छवि को भी अहम माना गया। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि संस्थानों को दीर्घकालिक रणनीतिक योजना अपनानी चाहिए ताकि वे निरंतर गुणवत्ता सुधार और प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता हासिल कर सकें।

कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा एवं औरैया जनपद के संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, IQAC समन्वयक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. अनुराधा कालानी, डॉ. हिना वैश्य, डॉ. मोहित कुमार, डॉ. विशाल अवस्थी, डॉ. प्रकाश चन्द्र गुप्ता, डॉ. विशाल चंद, डॉ. अभिषेक चंद्र और डॉ. राकेश कुमार शर्मा सहित कई शिक्षाविदों की सक्रिय उपस्थिति रही। ब्रह्मानंद डिग्री कॉलेज, पी.पी.एन. कॉलेज और ए.एन.डी. कॉलेज के प्राध्यापकों ने भी कार्यशाला में भाग लिया।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इसी विषय पर अगला सत्र 27 फरवरी को फर्रुखाबाद, उन्नाव एवं कन्नौज जनपदों के संबद्ध महाविद्यालयों के लिए आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन IQAC के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. प्रवीन कटियार ने दक्षतापूर्वक किया।

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