कानपुर नगर। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी HCLTech और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए अनुसंधान-आधारित नवाचार को वास्तविक पायलट प्रोजेक्ट्स और स्केलेबल समाधानों में बदलने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत अभियांत्रिकी और डीप टेक के क्षेत्रों में, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित अनुसंधान को उद्योग की जरूरतों से जोड़ना है। HCLTech के व्यापक GCC समाधानों को IIT कानपुर के अनुसंधान एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ मिलाकर यह पहल पारंपरिक प्रतिभा और सेवा मॉडलों से आगे बढ़कर शोध-आधारित नवाचार को सक्षम बनाएगी।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा, ‘आईआईटी कानपुर में AI, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और अन्य नई तकनीकों पर मजबूत और व्यावहारिक शोध चल रहा है। HCLTech के साथ इस साझेदारी से हमारे शोधकर्ताओं को वैश्विक GCCs की वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा, साथ ही शोध के लिए फंडिंग और उद्योग से मार्गदर्शन भी मिलेगा। यह MoU अकादमिक शोध और उद्योग के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेगा।’
वहीं HCLTech के EVP और ग्लोबल GCC प्रैक्टिस हेड किरण चेरुकुरी ने कहा, ‘GCCs की अगली विकास यात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि वे विश्वस्तरीय शोध और डीप टेक इकोसिस्टम का कितना बेहतर उपयोग कर पाते हैं। IIT कानपुर के साथ यह समझौता HCLTech को एक कैटालिस्ट के रूप में स्थापित करता है, जो शोध, अकादमिक उत्कृष्टता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोड़कर कंपनियों को तेज और बड़े स्तर पर समाधान विकसित करने में मदद करेगा।’
इस साझेदारी की औपचारिक घोषणा हैदराबाद में आयोजित ‘GCC 4.0: Co-Creating India’s Innovation Powerhouse’ सम्मेलन में की गई। इस कार्यक्रम में भारत और विदेशों के 250 से अधिक GCC नेताओं, आईआईटी कानपुर, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

