लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 इस बार कई नए रिकॉर्ड बना सकता है। आयोजन में देश-विदेश के हजारों उद्यमियों, खरीदारों और निवेशकों की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, इस बार 2400 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगे, जबकि 85 देशों से 550 से अधिक विदेशी खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा करीब डेढ़ लाख घरेलू कारोबारी खरीदार और साढ़े चार लाख से अधिक आम लोगों के आयोजन में शामिल होने का अनुमान है।
करीब 1.10 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह व्यापारिक आयोजन प्रदेश के एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए नए अवसरों का मंच बनेगा। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 4000 से अधिक एमओयू होने की संभावना है, जिनकी संभावित कीमत 3200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। वहीं, 13,500 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित कारोबारी अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन केवल उत्पादों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत और निवेश क्षमता को दुनिया के सामने रखने का अवसर है। विदेशी खरीदारों और निवेशकों की बढ़ती रुचि से प्रदेश के निर्यात क्षेत्र को नई मजबूती मिल सकती है।
यूपीआईटीएस-2026 को राज्य के उद्योग, व्यापार और निवेश क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, जो प्रदेश को वैश्विक कारोबारी मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

