नई दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान संभव है।
उपराष्ट्रपति ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना सिर्फ पेड़ उगाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर जलवायु और सुरक्षित भविष्य का संकल्प लेना है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरणीय हालात और बढ़ती जलवायु चुनौतियों के बीच समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। पर्यावरण संरक्षण को केवल विशेष अवसरों तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना समय की मांग है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति को पूजनीय मानती रही है। पेड़-पौधों, नदियों और जीव-जंतुओं के संरक्षण की भावना हमारी परंपराओं में गहराई से जुड़ी हुई है। यही सोच आज के दौर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
उन्होंने लोगों से जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग, ऊर्जा की बचत और अधिक से अधिक वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे कदम उठाने की अपील की। उनका कहना था कि यदि समाज सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए तो एक हरित, स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर दिया गया यह संदेश प्रकृति और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण और सुरक्षित जीवन मिल सके।

