नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय 2 अक्टूबर 2025 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जन योजना अभियान (पीपीसी) 2025-26: सबकी योजना, सबका विकास अभियान शुरू करेगा, जिससे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) की तैयारी की प्रक्रिया शुरू होगी। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 से अब तक 18.13 लाख से अधिक पंचायत विकास योजनाएं अपलोड की जा चुकी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (जीपीडीपी), ब्लॉक पंचायत विकास योजनाएं (बीपीडीपी) और जिला पंचायत विकास योजनाएं (डीपीडीपी) शामिल हैं, इनमें से 2.52 लाख से अधिक योजनाएं वित्त वर्ष 2025–26 के लिए चल रहे वर्तमान अभ्यास से संबंधित हैं।
बता दें, पंचायती राज मंत्रालय ने जन योजना अभियान 2025-26 की तैयारी के लिए राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विभागों और हितधारकों के साथ वर्चुअल बातचीत शुरू की है। 26 सितंबर 2025 को, सुशील कुमार लोहानी, अतिरिक्त सचिव, एमओपीआर ने तैयारियों की समीक्षा करने और रोल-आउट रणनीति साझा करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थानों (एसआईआरडी एंड पीआर) के साथ एक वर्चुअल बैठक की। अभिसरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, एमओपीआर ने 20 संबंधित मंत्रालयों/विभागों से निवेदन किया है कि वे अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के विभागों को विशेष ग्राम सभा बैठकों में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देशित करें। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सितंबर के अंत तक निगरानी प्लेटफार्मों को सक्रिय करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने, ग्राम सभा कार्यक्रम को अंतिम रूप देने और सार्वजनिक सूचना बोर्ड पर दर्शाया जाएगा।
जन योजना अभियान 2025-26: सबकी योजना, सबका विकास
जन योजना अभियान 2025-26 का उद्देश्य सहभागी, पारदर्शी और स्थानीय शासन को मज़बूत बनाना है। ग्राम सभाएँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म (ई-ग्राम स्वराज, मेरी पंचायत ऐप, पंचायत निर्णय) का उपयोग करके पिछले ग्राम विकास कार्यक्रमों (जीपीडीपी) की समीक्षा करेंगी, प्रगति का आकलन करेंगी, देरी का समाधान करेंगी और अप्रयुक्त केंद्रीय वित्त आयोग अनुदानों से अधूरे कार्यों को प्राथमिकता देंगी। नियोजन पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) द्वारा निर्देशित होगा, सभासार का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगा, स्वयं के स्रोत राजस्व (ओएसआर) को बढ़ाएगा और व्यापक सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देगा। आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जनजातीय सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे ग्राम सभाएँ राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप समावेशी विकास के लिए निर्णायक मंच बन सकेंगी।

