लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने और जर्जर भवनों के कायाकल्प की मुहिम को अब और गति मिलेगी। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्रदेश के 72 एडेड माध्यमिक विद्यालयों में जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण, मरम्मत और अन्य जरूरी अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 9.62 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वीकृत धनराशि में 50 विद्यालयों को दूसरी किस्त, जबकि 22 विद्यालयों को तीसरी किस्त के रूप में धनराशि दी जाएगी। इसके अलावा कन्नौज के एक विद्यालय के लिए अलग से 7.45 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
कई जिलों के विद्यालयों को मिलेगा लाभ
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्वीकृत बजट से राजधानी लखनऊ के सात, अमेठी के दो, गोंडा के पांच, बलरामपुर के एक, अंबेडकरनगर के पांच, मथुरा के पांच और महराजगंज के तीन विद्यालयों समेत प्रदेश के कुल 72 विद्यालयों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
इन विद्यालयों में भवनों की मरम्मत, जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के साथ विद्यार्थियों के लिए आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। योजना का उद्देश्य एडेड माध्यमिक विद्यालयों के भवनों और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाकर विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
विभाग ने दिए जल्द काम शुरू कराने के निर्देश
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संदीप परमार ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक को जारी पत्र में स्वीकृत धनराशि के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि संबंधित विद्यालयों में निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत और अवस्थापना सुविधाओं से जुड़े कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार जल्द पूरे कराए जाएं।
विभाग की ओर से जिलों और संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत बजट के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने तथा निर्माण कार्यों को नियमानुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे लंबे समय से मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में चल रहे कई एडेड विद्यालयों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लगातार बढ़ रहा प्रोजेक्ट अलंकार का दायरा
प्रदेश सरकार ने एडेड माध्यमिक विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं और भवनों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अलंकार शुरू किया है। इसके तहत विद्यालयों की जरूरत के अनुसार निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब 72 और विद्यालयों को बजट मिलने से योजना के तहत चल रहे कायाकल्प अभियान को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

