नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (15 अक्टूबर, 2025) राष्ट्रपति भवन में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।
उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम को एक दूरदर्शी व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने युवा मन को जागृत किया और राष्ट्र को बड़े स्वप्न देखने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन हमें स्मरण कराता है कि सफलता के लिए विनम्रता और अथक परिश्रम आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हम डॉ. कलाम के सपनों के अनुरूप एक सशक्त, आत्मनिर्भर और करूणामय भारत का निर्माण करना जारी रखेंगे।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी एक पोस्ट में लिखा;
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्हें एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने युवा मन को जागृत किया और हमारे देश को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन हमें स्मरण दिलाता है कि सफलता के लिए विनम्रता और अथक परिश्रम अत्यंत आवश्यक है। हम उनके द्वारा देखे गए भारत का निर्माण करते रहें… एक ऐसा भारत जो सशक्त, आत्मनिर्भर और करुणामय हो।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जिन्हें दुनिया ‘मिसाइलमैन’ के नाम से भी जानती है, का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम् (तमिलनाडु) में हुआ था। एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम डॉक्टर अबुल पाकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम था।
18 जुलाई 2002 को कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इन्हें भारतीय जनता पार्टी समर्थित एनडीए घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था जिसका वामदलों के अलावा समस्त दलों ने समर्थन किया था। 25 जुलाई 2002 को उन्होंने संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। 25 जुलाई 2007 को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।
ऐसे भारतीय मिसाइल प्रोग्राम के जनक और जनता के राष्ट्रपति के रूप में लोकप्रिय हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 को शिलांग के आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद निधन हो गया।

