नई दिल्ली। तिब्बती बौद्ध नेता दलाई लामा 2-4 जुलाई तक उत्तर भारतीय पहाड़ी शहर धर्मशाला में आयोजित 15वें तिब्बती धार्मिक सम्मेलन में भाग लेंगे। 14वें दलाई लामा, यहां आगामी सम्मेलन के दौरान बड़ी घोषणा कर सकते हैं। दलाई लामा 6 जुलाई को 90 वर्ष के हो रहे हैं। दलाई लामा ने अपने 90वें जन्मदिन से पहले आयोजित प्रार्थना समारोह संकेत दिया है कि 600 वर्ष पुरानी परंपरा उनकी मृत्यु के बाद भी जारी रहेगी। दलाई लामा की ओर से दिए गए इस संकेत के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वो अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कब करेंगे। दलाई लामा का असल नाम ल्हामो धोंडुप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिब्बती आध्यात्मिक नेता का जन्मदिन पूरे साल मनाया जाएगा। यह 6 जुलाई को मैक्लोडगंज, धर्मशाला में CTA यानी तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल मुख्यालय में शुरू होगा। जन्मदिन के कार्यक्रम अगले साल 5 जुलाई को खत्म होंगे। CTA के कई मंत्रियों ने कहा है कि दलाई लामा 90 साल के होने पर अपने उत्तराधिकारी का ऐलान कर सकते हैं। 6 जुलाई को दलाई लामा के जन्मदिन समारोह में भाग लेने के लिए दुनिया भर से 300 से अधिक गणमान्य लोगों के धर्मशाला पहुंचने की उम्मीद है।
तिब्बती सरकार-इन-एक्साइल के स्पीकर खेनपो सोनम तेनफेल ने बताया कि मैक्लोडगंज में 2 जुलाई से एक तीन दिवसीय धार्मिक सम्मेलन शुरू हो रहा है। इसमें उत्तराधिकारी पर भी चर्चा होने की संभावना है। स्पीकर ने यह भी कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चीन के बाहर, स्वतंत्र दुनिया से होना चाहिए, जैसा कि हमारे पवित्र नेता ने कहा है। किसी भी स्थिति में तिब्बती सिर्फ दलाई लामा के बताए गए उत्तराधिकारी को ही स्वीकार करेंगे।
बता दें, 14वें दलाई लामा मार्च 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आए थे, और तब से वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में रहते हैं।
चीनी जानकारों का मानना है कि दलाई लामा के जन्मदिन पर होने वाली तिब्बती धार्मिक नेताओं की बैठक तिब्बती बौद्ध धर्म का भविष्य बदल सकती है, और इस दौरान उत्तराधिकार पर होने वाली चर्चा पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

