लखनऊ। राजकीय पॉलीटेक्निक में सीपेट लखनऊ, प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी विभाग तथा जनसंचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘एकल उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट प्रबंधन’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों एवं प्रतिभागियों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों, उसके प्रबंधन तथा पुनर्चक्रण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
हर्षी अग्रहरि,असिस्टेंट प्रोफेसर, सीपेट लखनऊ ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं है, किंतु सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण से इसके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। संजय पटेल, प्रभारी, पीएमटी विभाग, राजकीय पॉलीटेक्निक ने जोर दिया कि प्लास्टिक के खतरों को कम करने के लिए बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन और सामूहिक जागरूकता आवश्यक है। डॉ. नीरज कुमार, जनसंचार विभाग, राजकीय पॉलीटेक्निक ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद समाज में जानकारी की कमी बनी हुई है, जिसके कारण पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। सुनील कुमार पटेल, पीएमटी विभाग, राजकीय पॉलीटेक्निक ने बताया कि अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके बारे में छात्रों को जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यशाला छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रही। इसमें न केवल प्लास्टिक और अपशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा हुई, बल्कि जागरूकता बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय भी प्रस्तुत किए गए।

