कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डी.आर. सिंह द्वारा वैज्ञानिकों के लिए जारी निर्देश के क्रम में आज दलीप नगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रकला यादव ने कोरोना महामारी में बुजुर्गों का ख्याल रखने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया …
Read More »कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है संतुलित आहार: डॉ.निमिषा अवस्थी
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डी. आर.सिंह के निर्देश के क्रम में मंगलवार को दलीप नगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉक्टर निमिषा अवस्थी ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है संतुलित आहार विषय पर एडवाइजरी जारी की है उन्होंने बताया …
Read More »जानिए, इस तरह फिजियोथेरेपी की मदद से फेफड़ों को मजबूत रखकर कोरोना से बचाव संभव है
डॉ.अंकुर पांडेय, कंसल्टेंट फिजियोथैरेपिस्ट शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में फेफड़े यानी लंग्स शामिल होते हैं। जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं जो शरीर को मजबूत बनाता है, लेकिन अत्यधिक प्रदूषण और धूम्रपान की आदत से हमारे फेफड़े कमजोर होते जा रहे हैं। जिसकी वजह से फेफड़ों में संक्रमण होना आम …
Read More »नन्ही बूँद
दिव्या दीक्षित ऐ नन्ही बूँद, ऐ नन्ही बूँद। क्यों आयी इस धरती पर, आँखे मूंद। क्या नहीं पता, तुझे ओ नादान तू आ गई है, अपने माँ-बाप से दूर। ऐ नन्ही बूँद, ऐ नन्ही बूँद। शायद तेरी भी कुछ मजबूरियां रही होंगी, मरने से पहले तुझे भी जिम्मेदारियाँ पूरी करनी …
Read More »इन्कलाब का नारा…
के. एम. भाई दिलों में जुनून है और जुबां पे इन्कलाबसलामी के लिए उमड़ा हैबादलों का ये सैलाब …याद करके बलिदान तुम्हाराजश्न में डूबा है वतन सारा हर जुबां पे होगाइन्कलाब का नारा…जोश में भीगा है रक्त हमाराआज इंकलाबियों से सजेगा घर हमारा..दिलों में जूनून होगाऔर जुबाँ पे इंकलाब का नारा …इन्कलाब …
Read More »कुछ यूं समझे मौसम का मिजाज, दूर होंगी बीमारियां
गरिमा शुक्ला सर्दियां खत्म और गर्मियां शुरू हो चुकी हैं। बदलता हुआ यह सीजन बीमारियों को भरपूर दावत देता है। इस सीजन में कभी लोग बुखार से पीड़ित होते है तो कभी गले के इन्फेक्शन से। वही इस मौसम में पीलिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा भी बहुत होता …
Read More »कहीं आज जीत न जाए
के0 एम0 भाई जो अक्सर अँधेरे के साये में रहती हैं!!मैंने देखा है उन आँखों कोजो कभी आंसुओं से भीग जाती हैंतो कभी एक पहर को ठहर सी जाती हैजो सदियों से एक पलक भी नहीं झपकीजो कभी एकांत में सिसकती हैंऔर कभी शोर में भी शांत हो जाती हैंजो …
Read More »नारियां
दिनेश ‘दीप’ भावना से ओत प्रोत भाव रखें नारियां घर या उद्योग हो प्रभाव रखें नारियां बेदना के दिनों में भी फूल झरे नारियां मुस्कराती पांखुरी सी कंटको के बीच भी ममता भरी छांव दे के प्यार से हैं सींचती खून मे भी खुशबुओं का ताव रखें नारियां टूटता बिखरता जो इनसे संवरता वो देता …
Read More »वो गुब्बारा !!
के0 एम0 भाई वो गुब्बारा !!फूलता भी था औरहवा में उड़ता भी थाहर किसी के दिल मेंबसता भी थाकभी इधर तो कभी उधरकभी थोड़ा ऊपर तोकभी थोड़ा नीचेहर तरफ दौड़ता भी थापर एक शाम ऐसी आयीकि हर तरफखामोशी ही खामोशी छायी कुछ ऐसी रफ्तार आईकि जिंदगी मौत में समायी न गुब्बारा बचा …
Read More »दरवाजे की नीम नहीं अब, नहीं रही वो छाँव रे…!
दिनेश ‘दीप’ खट्टी मीठी यादें लेकर जब हम लौटे गांव रे दरवाजे की नीम नहीं अब नहीं रही वो छांव रे अम्मा का वो हमें जगाना और जिज्जी का कुआं को जाना जगते जगते फिर सो जाना तब नन्ना का वो चिल्लाना याद हमें चिड़ियों की चंह चंह कौवे की …
Read More »
