कानपुर नगर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों के बीच आईआईटी कानपुर के C3iHub ने वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा नवाचार को नई दिशा देने का प्रयास किया। इसी क्रम में आयोजित HACK IITK 2026 हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले दो दिवसीय कार्यक्रम के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय “महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा” रहा, जिसमें प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक विचारों तक सीमित न रहकर वास्तविक और उपयोगी तकनीकी प्रोटोटाइप विकसित करने की चुनौती दी गई।
प्रतिस्पर्धा और भागीदारी
इस हैकाथॉन को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली। देशभर से 9,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए, जिनमें से केवल 48 टीमें ग्रैंड फिनाले तक पहुँचीं। प्रतियोगिता दो प्रमुख श्रेणियों — समाधान ट्रैक और कैप्चर द फ्लैग (CTF) ट्रैक — में आयोजित की गई।
विजेता टीमें
समाधान ट्रैक में आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे की टीम शैडो बाइट ने पहला स्थान प्राप्त कर ₹3 लाख का पुरस्कार जीता। दूसरा स्थान नाइट म्याउल्स को मिला (₹2 लाख)। तीसरा स्थान ब्लाइंड कोडर्स (FCRIT, वाशी, नवी मुंबई) को मिला (₹1 लाख)।
CTF ट्रैक में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की टीम क्यूट कैट ने पहला स्थान हासिल कर ₹3 लाख जीते। दूसरा स्थान उसी विश्वविद्यालय की टीम दिग्गज को मिला (₹2 लाख)। तीसरा स्थान ई हैक्स (दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी) को मिला (₹1 लाख)।
विशेष सम्मान
टीम VNITX को सर्वश्रेष्ठ नवाचार समाधान पुरस्कार (₹50,000)। टीम Valium Research को सर्वश्रेष्ठ CTF दृष्टिकोण पुरस्कार (₹50,000)।
नवाचार की झलक
टीमों ने कई अत्याधुनिक समाधानों पर काम किया, जिनमें शामिल थे, स्थानीय LLM आधारित नीति अंतर विश्लेषण — सुरक्षा नीतियों की कमियों की पहचान और सुधार। पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी — क्वांटम कंप्यूटिंग खतरों से बचाव हेतु सुरक्षित प्रोटोकॉल। एआई एजेंट सुरक्षा — डीपफेक और प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसे हमलों से बचाव। जेनट्विन प्रौद्योगिकी — औद्योगिक वातावरण का सिमुलेशन कर कमजोरियों की पहचान।
पुरस्कार वितरण समारोह में शिक्षा, सरकार और उद्योग जगत के कई प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे। विजेताओं को पुरस्कार मयूर माहेश्वरी (IAS) ने प्रदान किए। इस अवसर पर प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल,निदेशक, IIT कानपुर सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की।

